Young Indians हो रहे हैं कोरोनरी आर्टरी डिजीज के शिकार, जानें बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं

Coronary Artery Disease: कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी), जो कोलेस्ट्रॉल के जमाव के कारण हार्ट की मांसपेशियों की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं के रुकावट को संदर्भित करता है. इस बीमारी की चपेट में युवा वर्ग भी आने लगे हैं, जो एक अलग पैटर्न देखने को मिल रहा है.

Coronary Artery Disease: कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी), जो कोलेस्ट्रॉल के जमाव के कारण हार्ट की मांसपेशियों की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं के रुकावट को संदर्भित करता है, लंबे समय से यह माना जाता था कि यह बुजुर्ग वर्ग को प्रभावित करने वाली बीमारी है. हालांकि, इस बीमारी की चपेट में युवा वर्ग भी आने लगे हैं, जो एक अलग पैटर्न देखने को मिल रहा है. हाल ही में कृष्णकुमार कुन्नाथ, सिद्धार्थ शुक्ला और पुनीत राजकुमार की हार्ट अटैक से हाई प्रोफाइल मौत हुईं, जो टिनसेल की दुनिया के सभी युवा सितारे हैं.

हाल के वैज्ञानिक फैक्ट चौंकाने वाले निष्कर्ष दिखाते हैं, इंडियन में सीएडी की दर किसी भी अन्य ग्रुप की तुलना में 50-400% अधिक है. जबकि वेस्ट में सीएडी स्प्रेड पिछले तीन दशकों में आधा हो गया है, भारत में दरें दोगुनी हो गई हैं और इसमें कमी का कोई संकेत नहीं है.

ऐसे में यह सवाल उठता है कि हम अपने आप को बचाने के लिए क्या कर सकते हैं? इस महामारी के लेवल को रोकने या कम से कम धीमा करने के लिए व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर क्या उपाय किए जा सकते हैं और क्या किए जाने चाहिए?