छोटे कारोबारियों को मोदी सरकार ने दिया तोहफा, 40 लाख से कम टर्नओवर पर नहीं लगेगा GST 

January 10th, 2019 | OTHER

छोटे कारोबारियों को मोदी सरकार ने दिया तोहफा, 40 लाख से कम टर्नओवर पर नहीं लगेगा GST 

व्‍यापारियों के लिए GST Composition scheme की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है. आसान भाषा में समझें तो अब 1.5 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले निर्माता को इस स्कीम का फायदा मिलेगा. GST Composition scheme का लाभ लेने वाली कंपनियों को सिर्फ एक Annual Return दाखिल करना होगा, जबकि टैक्‍स भुगतान हर Quater में एक बार कर सकेंगे. यह नया नियम इस साल यानी 2019 में 1 अप्रैल से लागू होगा.

Finance Minister अरुण जेटली की अगुवाई में GST काउंसिल की 32वीं बैठक संपन्न हो चुकी है. बैठक में छोटे कारोबारियों को राहत देने पर सहमति बनी है. 

https://twitter.com/ANI/status/1083297646704582656

GST काउंसिल ने इसके अलावा GST के दायरे को बढ़ा दिया है. अभी 20 लाख रुपये तक टर्नओवर करने वाले कारोबारी GST के दायरे में आते थे लेकिन अब 40 लाख टर्नओवर वाले GST के दायरे में आएंगे. पूर्वोत्तर समेत छोटे राज्यों में जो लिमिट 10 लाख थी वो लिमिट 20 लाख रुपये कर दी गई है. इस तरह कई छोटे कारोबारी GST के दायरे से बाहर हो जाएंगे. अब इन छोटे कारोबारियों को GST रजिस्ट्रेशन का झंझट नहीं रहेगा.

काउंसिल की बैठक के बाद वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि केरल को 2 साल के लिए राज्य के भीतर बिक्री पर 1 फीसदी का उपकर लगाने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा GST काउंसिल में रियल इस्टेट और लॉटरी पर GST को लेकर मतभेद सामने आने के बाद इसपर विचार करने के लिए मंत्रियों का समूह बनाया गया है.यानि अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन मकानों को लेकर जिस छूट की उम्‍मीद की जा रही थी वो अभी नहीं मिलेगी. दरअसल, ऐसे संकेत मिल रहे थे कि GST काउंसिल बैठक में अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन इमारतों को 12 फीसदी के स्‍लैब से हटाकर 5 फीसदी के दायरे में किया जा सकता है. लेकिन अभी इस मामले में कोई राहत नहीं मिली है.

बुधवार को पीएम मोदी ने भी दिए थे संकेत... 
इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि GST काउंसिल से 75 लाख रुपये सालाना तक का कारोबार करने वाले उद्यमों को GST रजिस्‍ट्रेशन से छूट देने का आग्रह किया है. इसके अलावा मध्यम वर्ग के लिए बनने वाले घरों को GST के 5 प्रतिशत के दायरे में लाने का आग्रह किया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बारे में फैसला करने का अधिकार उनके हाथ में नहीं है बल्कि GST काउंसिल के हाथ में है. सभी राज्य सरकारें इस परिषद की सदस्य है. उन सबको मिलकर इस बारे में निर्णय करना है. 

आपको बता दें कि GST काउंसिल की पिछली बैठक 22 दिसंबर को हुई थी. इस बैठक में 26 वस्तुओं व सेवाओं पर टैक्‍स की दर कम कर दी गई थी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि आने वाले दिनों में GST काउंसिल जनता के पक्ष में इस बात का ध्यान रखेगी.

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