अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट Dail-100 को रफ्तार देगी योगी सरकार, ये होगा नया...

February 13th, 2018 | OTHER

अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट Dail-100 को रफ्तार देगी योगी सरकार, ये होगा नया...

यूपी में Dail-100 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रॉजेक्ट माना जाता है। हालांकि, इस प्रॉजेक्ट का प्रदेश की मौजूदा योगी सरकार कायाकल्प करने जा रही है। यह जानकारी यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने दी। डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार Dail-100 सेवा का कायाकल्प करने जा रही है। मूलभूत ढांचे और टेक्नोलॉजिकल अपग्रडेशन के जरिए ऐसा किया जाएगा। इसके लिये फोर व्हीलर वाहनों के साथ-साथ मोटरसाइकलें भी खरीदी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अफसरों की कार्यशैली को बेहतर बनाने के लिये उन्हें भ्रष्टाचार रोकने और मुकदमा दर्ज होने के फौरन बाद हरकत में आने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा जोर है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे जल्द से जल्द तार्किक निष्कर्ष तक भी पहुंचाया जाए ताकि अपराधियों को कोई राहत ना मिल सके। समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में हुई थी शुरुवात... बता दें कि अखिलेश सरकार के कार्यकाल में 2 अक्टूबर 2016 को तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने Dail-100 योजना की शुरुआत की थी। इस प्रॉजेक्ट में 3200 गाड़ियों के काफिले को मंजूरी मिली थी, जिसमें 700 इनोवा और 2500 बोलेरो गाड़ियां शामिल थीं। योजना के कायाकल्प के लिए योगी सरकार ने जारी किया फंड... इससे पहले सितंबर 2017 में योगी सरकार ने इस सेवा के विस्तार के तहत 1600 मोटरसाइकल और खरीदने के लिए फंड जारी किया था। यूपी के गृह सचिव की तरफ से यूपी पुलिस हेडक्वॉर्टर को जारी खत में कहा गया, '20.99 करोड़ रुपये की मांग के बाद कुल 11.33 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूर किया गया है। Dail-100 स्कीम के लिए 1600 मोटरसाइकल खरीदी जाएंगी।' अपराधों की रोकथाम प्राथमिकता... डीजीपी ने कहा कि कड़क अंदाज के साथ बेसिक पुलिसिंग उनका मूल मंत्र है। आम लोगों में सुरक्षा की भावना और अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा करना उनकी प्राथमिकता है। कोशिश है कि जनता के बीच पुलिस की छवि एक मित्र की बने। खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम उनकी प्राथमिकता है। 'कानून हाथ में लेने वालों को नहीं बख्शा जाएगा' प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे की एक भी घटना से इनकार करते हुए डीजीपी ने कहा, 'कुछ जिलों में दो पक्षों के बीच टकराव की घटनाएं जरूर हुईं लेकिन उन्हें समय रहते काबू कर लिया गया। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश पिछले एक साल से पूरी तरह दंगामुक्त है।' कासगंज में पिछली 26 जनवरी को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बारे में उन्होंने कहा कि वहां भी दो पक्षों के बीच हिंसा हुई, जिसे प्रभावी ढंग से रोक लिया गया है। जहां तक प्रदेश में जगह-जगह तिरंगा यात्रा तथा अन्य यात्राएं निकाले जाने का सवाल है तो स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कानून हाथ में लेने वालों को कतई ना बख्शा जाए।

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