योगी सरकार ने समय से पहले की रावण की रिहाई, बीएसपी की बढ़ी मुसीबत

September 14th, 2018 | CRIME

योगी सरकार ने समय से पहले की रावण की रिहाई, बीएसपी की बढ़ी मुसीबत

यूपी के सहारनपुर में मई 2017 की जातीय हिंसा के आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ‘रावण’ की राज्य सरकार की ओर से जेल से रिहाई का फैसला अकारण नहीं है। इसके पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना और दूसरा लोकसभा चुनाव से पहले दलितों के प्रति हमदर्दी का संदेश देना। 

दरअसल, रावण की सभी मामलों में पहले ही जमानत हो चुकी थी और केवल राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत ही उसकी महज 26 दिन की कारावास अवधि शेष थी। ऐसे में इस फैसले को ही नहीं, बल्कि भाजपा को भी सियासी नफा-नुकसान की तराजू में तौला जाएगा।

बड़ा सवाल है कि सवर्णों का विरोध झेल रही भाजपा क्या इस दांव से दलितों के दिल जीत पाएगी? और रावण की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को क्या बसपा के खिलाफ भाजपा इस्तेमाल कर पाएगी? 

2 अप्रैल को दलितों के भारत बंद के दौरान हिंसा और फिर 6 अगस्त को एससी-एसटी एक्ट के मूल स्वरूप को बहाल करने के फैसले से केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी देश भर में सवर्ण जातियों के निशाने पर है।

उधर 2019 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी को दलित विरोधी दाग छुड़ाने में हर संभव प्रयास लगातार करने पड़ रहे हैं। 

सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर कांड को राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के दलित विरोध का प्रतीक बनाकर पेश किया गया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने तो 18 जुलाई 2017 को इसी के विरोध में राज्यसभा से अपना इस्तीफा देकर भाजपा पर बाकायदा ऐसे आरोप भी लगाए। 

हालांकि मायावती ने शब्बीरपुर हिंसा का विरोध किया, लेकिन भीम आर्मी का समर्थन नहीं किया और बिना नाम लिए इसे ‘छोटा मोटा संगठन’ बताया था।

8 जून 2017 को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए चंद्रशेखर ‘रावण’ के समर्थन में यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक इमरान मसूद पहले ही दिन से खड़े थे। 

मायावती के बाद राहुल गांधी ने भी सहारनपुर पहुंचकर खुद को दलित हितैषी के रूप में पेश किया था। तमाम दलित संगठन भी इस मसले पर सहारनपुर से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक जुटे। 

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें…

Like this News, become a Newsinvestigator Reporter with a Click and make your voice heard.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Categories

Bollywood Crime Politics Lucknow Zyaka Other