1992 का शर्मनाक वाकया, ग़ांधी की शहादत और बाबरी को गिराना था एक जैसा- अय्यर

January 8th, 2019 | POLITICS

1992 का शर्मनाक वाकया, ग़ांधी की शहादत और बाबरी को गिराना था एक जैसा- अय्यर

अयोध्या-बाबरी मामला सुप्रीम कोर्ट में अटका पड़ा है। इसे लेकर कई नेता तरह-तरह के बयान देते आये हैं, लेकिन अब एक नेता ने ऐसा बयान दिया है कि जिसको लेकर फिर विवाद शुरू हो गया। दरअसल, दिल्ली में ‘एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम’ कार्यक्रम में कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बाबरी मस्जिद को गिराना संविधान की हत्या करार दिया।

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा, “उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, यदि वो चाहती तो 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ना गिरती।” इस कार्यक्रम में कई मशहूर शायर और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव भी मौजूद थे। इसका आयोजन ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ द्वारा किया गया।

अय्यर ने आगे कहा, “जिस दिन बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया, उस दिन भारत के ईमान को भी शहीद कर दिया गया था। 1992 में जो शर्मनाक वाकया हुआ उससे बुरा औऱ क्या हो सकता था? महात्मा ग़ांधी की शहादत और बाबरी मस्जिद को गिराना एक जैसा है।

क्या मुसलमान इस देश में सुरक्षित रह सकते हैं? आप मंदिर बनाये हम खिलाफ नहीं, लेकिन आप ये कैसे कह सकते है कि मंदिर वहीं बनाएंगे, जबकि राजा दशरथ के महल में 10 हज़ार कमरे थे, किसको पता राम जी किस कमरे में पैदा हुए।

वहीं कार्यक्रम में आए तस्लीम रहमानी ने कहा, “1992 में बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया, और सबने एक होकर कहा कि जुल्म हुआ। 6 दिसम्बर 1992 को देश के आधे से ज्यादा मुसलमानों के घरों में चूल्हा नहीं जला था। जिस मस्जिद को गिराते हुए सारी दुनिया ने देखा, उसके इंसाफ की कोई बात नहीं करता। लेकिन रामजी के बारे में सही से किसी को पता भी नहीं कि क्या वाकई वो उसी स्थान पर पैदा हुए, जहां मंदिर बनाने की बात की जाती है।

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