बहावलपुर, कराची और पीरथान में जैश-ए-मुहम्मद के अड्डे पर पाक ने तैनात की न्यूक्लियर मिसाइलें!

March 11th, 2019 | CRIME

बहावलपुर, कराची और पीरथान में जैश-ए-मुहम्मद के अड्डे पर पाक ने तैनात की न्यूक्लियर मिसाइलें!

पकिस्तान ने जैश-ए-मुहम्मद जैसे आतंकियो के अड्डों को बचाने के लिए बहावलपुर, कराची और पीरथान की पहाड़ियों में न्यूक्लियर मिसाइलें तैनात कर दी हैं. पाकिस्तान भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के कड़े रुख से खौफ में है. पाकिस्तान को ये डर है कि भारत चुनाव की घोषणा के बावजूद बहावलपुर में एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक या फिर कोई खुफिया ऑपरेशन कर सकता है. पाकिस्तान जानता है कि सीधी लड़ाई में भारत से जीतना मुश्किल है. इसिलए वो परंपरागत आक्रमण के बजाये सीधे परमाणु हमले की पहल कर भारतीय नेतृत्व और सेना को संभलने का मौका नहीं देना चाहता. 

ख़बरों की माने तो अनाधिकृत सूत्रों के अनुसार ऐसा बताया जाता है कि पाकिस्तान ने 2016 में ही बहावलपुर में परमाणु हथियारों का जखीरा इकट्ठा करना शुरु कर दिया था, लेकिन नवाज शरीफ ने वैश्विक विरादरी के दबाव में हटा दिया था, लेकिन मौजूदा हालातों में एक बार फिर बहावलपुर में न्यूक आर्म्स बहाल कर दिये गये हैं.

हालांकि, परमाणु हथियारों के विशेषज्ञ और परमाणु युद्ध के बाद की विभीषिका की जानकारी रखने वालों का कहना है कि बाद में भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान के अस्तित्व का खात्मा हो सकता है. अगर परमाणु युद्ध छिड़ा तो इससे होने वाले नुकसान की कोई सीमा नहीं होगी. इन बातों को जानने के बावजूद पाकिस्तान परमाणु हथियार इस्तेमाल करने पर संयम दिखाने के बजाए भारत और दुनिया के बाकी देशों को धमकी और भभकी देता रहता है.

पुलवामा हमले के बाद जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकियों को प्रश्रय देने वालों को कीमत चुकानी पड़ेगी तो इमरान खान के मंत्रियों नेशनल असेम्बली के फ्लोर से चेतावनी दी थी कि एटम बम ड्राइंग रूम में सजाने के लिए नहीं रखे हैं. इतना ही नहीं जब भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की तो खुद इमरान खान ने न्यूक्लियर मिसाइलों की कमान संभाल रही यूनिट के साथ बैठक की थी. 

अब बताया जा रहा है कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से अब तक पाकिस्तान की न्यूक आर्म्स विंग ने अपने हथियार पूरी तरह तैयार कर लिए हैं. क्यों कि ऐसा माना जाता है कि न्यूक्लियर हथियारों की असेंबलिंग तभी की जाती है जब उन्हें इस्तेमाल करना होता है और इस असेंबलिंग में 10 से 15 दिन का समय लग जाता है. शांति काल में न्यूक्लियर हथियारों को  डिस्मेंटल कर दिया जाता है, ताकि उनका इस्तेमाल कोई और न सके. 

बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान को पाक आर्मी चीफ ने न्यूक हथियारों की तैनाती का मश्विरा दिया था. हालांकि इस बात की पुष्टि अधिकारिक तौर पर नहीं हुई है, लेकिन थारपरकर की जनसभा में पाक प्रधानमंत्री इमरान ने भारत से जंग की हालात में आखिरी सांस तक लड़ने की बात कही थी.  

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