IAS बी. चंद्रकला ने शायराना अंदाज में लिखा, 'मुसीबतें कैसी भी हो, जीवन की डोर को बेरंग ना छोड़ें"

January 10th, 2019 | OTHER

IAS बी. चंद्रकला ने शायराना अंदाज में लिखा, 'मुसीबतें कैसी भी हो, जीवन की डोर को बेरंग ना छोड़ें"

अपने तीखे तेवर और बेदाग़ छवि को लेकर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर चुकी IAS बी. चंद्रकला इन दिनों CBI जांच के कारण ख़बरों में हैं. CBI ने IAS बी. चन्द्रकला के लखनऊ स्थित फ्लैट पर बीते 5 जनवरी को छापा मारा था. इस दौरान करीब दो घंटों तक CBI ने उनके घर को खंगाला था. आपको बता दें कि IAS बी. चंद्रकला पर गलत तरह से खनन पट्टे देने का आरोप है. चंद्रकला बुलंदशहर, हमीरपुर, मथुरा, मेरठ और बिजनौर में डीएम रह चुकी हैं. पर इन्ही सबके बीच IAS चंद्रकला ने अपने Linkedin प्रोफोइल में खुद की कविता पोस्‍ट की है.

कविता के अंत में उन्‍होंने छापे को चुनावी हथकंडा बताते हुए जीवन जीने का तरीका भी समझाया है. उन्‍होंने यहाँ लिखा है, "चुनावी  छापा तो पड़ता रहेगा, लेकिन जीवन के रंग को क्यों फीका किया जाए दोस्तों. आप सब से गुजारिश है कि मुसीबतें  कैसी भी हो, जीवन की डोर को बेरंग ना छोड़ें.'

IAS बी. चंद्रकला ने जो कविता पोस्‍ट की है वो नीचे है -

रे रंगरेज़ !  तू रंग  दे मुझको ।।

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको  ,
फलक से रंग, या मुझे  रंग दे जमीं  से ,
रे रंगरेज़! तू रंग दे कहीं से ।। 

छन-छन  करती पायल से ,
जो फूटी हैं  यौवन के स्वर ;

लाल से रंग मेरी होंठ की कलियाँ, 
नयनों को रंग, जैसे चमके बिजुरिया, 
गाल पे हो, ज्यों  चाँदनी  बिखरी ,
माथे पर फैली  ऊषा-किरण ,

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको, 
यहाँ  से रंग, या मुझे रंग दे,  वहीं से  ,
रे रंगरेज़ तू रंग दे,  कहीं से  ।।

कमर को रंग, जैसे, छलकी गगरिया  ,
उर,,,उठी हो,  जैसे चढ़ती उमिरिया  ,
अंग-अंग रंग, जैसे, आसमान पर ,
घन उमर उठी हो बन, स्वर्ण नगरिया  ।।

रे रंगरेज़ ! तू रंग दे मुझको,
सांस-सांस  रंग, सांस-सांस  रख,
तुला बनी हो ज्यों , बाँके बिहरिया , 

रे रंगरेज़ ! तू रंग दे मुझको ।।

पग- रज ज्यों, गोधुली बिखरी हो,
छन-छन करती  नुपूर  बजी हो,
फाग के आग से उठती सरगम,
ज्यों मकरंद सी महक उड़ी हो ।।

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको  ,
खुदा सा रंग , या मुझे रंग दे  हमीं से ,
रे रंगरेज़ तू रंग दे , कहीं से ।।

पलक हो,  जैसे  बावड़ी वीणा,
कपोल को चूमे, लट का नगीना,
तपती जमीं  सा मन को रंग दे,
रोम-रोम तेरी चाहूँ  पीना ।।

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको,
बरस-बरस मैं चाहूँ जीना ।। :: बी  चंद्रकला  ,,आई ए एस ।।
,,चुनावी  छापा तो पडता रहेगा ,,लेकिन जीवन के रंग को क्यों  फीका किया जाय ,,दोस्तों  ।
आप सब से  गुजारिश है कि  मुसीबते  कैसी भी हो , जीवन की डोर को बेरंग ना छोडे ।।

आपको बता दें IAS बी. चंद्रकला पर हमीरपुर में डीएम रहते सपा एमएलसी रमेश मिश्रा सहित कुल 10 लोगों के साथ मिलकर अवैध खनन का आरोप है. इलाहाबाद High Court के आदेश पर जांच में जुटी CBI ने 5 जनवरी को उनके अलावा अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की. 01 जनवरी 2019 को उनके खिलाफ CBI के डिप्टी एसपी केपी शर्मा ने खनन मामले में केस दर्ज किया है.
 

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