कर्नाटक के मंत्री का दावा- ‘डेल्‍टा से कम खतरनाक है कोरोना का ओमीक्रोन वेरिएंट’

कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन को लेकर दुनियाभर में चिंताओं के बीच कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने सोमवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीका से हाल में बेंगलुरू आए दो लोगों में से एक का नमूना ‘‘डेल्टा स्वरूप से अलग है.’’

बेंगलुरू: कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन को लेकर दुनियाभर में चिंताओं के बीच कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने सोमवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीका से हाल में बेंगलुरू आए दो लोगों में से एक का नमूना ‘‘डेल्टा स्वरूप से अलग है.” मंत्री ने कहा कि वह आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कह सकते क्योंकि वह अभी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अधिकारियों के संपर्क में हैं.

सुधाकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले नौ महीनों से केवल डेल्टा स्वरूप के मामले आए है, लेकिन आप कह रहे हैं कि नमूनों में से एक ओमीक्रोन स्वरूप का है. मैं इसके बारे में आधिकारिक तौर पर नहीं कह सकता. मैं आईसीएमआर और केंद्र सरकार के अधिकारियों के संपर्क में हूं.” उन्होंने कहा कि नमूने को आईसीएमआर में भेजा गया है. व्यक्ति की पहचान का खुलासा करने से इनकार करते हुए मंत्री ने कहा कि उसकी कोविड रिपोर्ट से पता चलता है कि वह कोरोना वायरस के एक अलग स्वरूप से संक्रमित हुआ है.

मंत्री ने कहा, ‘‘63 साल का एक व्यक्ति है जिसका नाम मुझे नहीं बताना चाहिए. उनकी रिपोर्ट थोड़ी अलग है. यह डेल्टा स्वरूप से अलग दिखता है. हम आईसीएमआर के अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे और बताएंगे कि यह क्या है.” मंत्री ने कहा कि वह उठाए जाने वाले कदमों के संबंध में मंगलवार को अपने विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर के डॉक्टरों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

उन्होंने कहा कि बैठक के लिए कोविड-19 पर तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया है. सुधाकर ने यह भी कहा कि उन्होंने ओमीक्रोन स्वरूप पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक दिसंबर को स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि जीनोमिक अनुक्रमण के बाद ओमीक्रोन कैसे व्यवहार करता है. इसके अनुसार हम सभी उपाय शुरू करेंगे.” मंत्री ने कहा, ‘‘हम पिछले 14 दिनों में दक्षिण अफ्रीका से आए सभी लोगों पर नजर रख रहे हैं और उन पर करीब से नजर रख रहे हैं. हमने शनिवार से उनके प्राथमिक और द्वितीयक संपर्कों का पता लगाना और जांच करना शुरू कर दिया है.”