PNB घोटाले के बाद RBI का बड़ा एक्शन, अब बैंक नहीं दे सकेंगे LoU, पढ़ें खबर

March, 13th 2018 |Other

PNB घोटाले के बाद RBI का बड़ा एक्शन, अब बैंक नहीं दे सकेंगे LoU, पढ़ें खबर

PNB में हुए करीब 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के बाद रिजर्व बैंक ने एक बड़ा कदम उठाते हुए फैसला लिया है कि अब बैंक कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिग (एलओयू) और लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी नहीं कर पाएंगे। लेकिन लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक गारंटी भी कुछ शर्तों के साथ ही दी जा सकेगी। यह फैसला नीरव मोदी फ्रॉड से सबल लेते हुए किया गया है ताकि, ऐसे घोटालों पर रोक लगाई जा सकें।

क्‍या है LoU-LoU एक तरह की गारंटी है। यह जिसके पास होती है वह इस पर लिखी रकम को तय बैंक की शाखा से ले सकता है। स्विफ्ट (एक कंप्‍यूटराइज्‍ड तरीका) माध्‍यम से यह LoU जारी की जाती हैं। इनके आधार पर ऑनलाइन लेनदेन होता है। बैंक इसे दुनियाभर में कहीं के लिए जारी कर सकते हैं।

PNB के कर्मचारियों ने घोटाले को आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से स्विफ्ट प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करके नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों के पक्ष में एलओयू के मेसेज भेजे। विदेशों में बैंकों की शाखाओं के लिए स्विफ्ट मसेज एक गारिंटी की तरह से होते हैं, जिसके आधार पर बैंक मेसेज में जिस बेनिफिशरी का नाम लिखा होता है उसे कर्ज मुहैया करवाते हैं।

सीबीआई को PNB ने बैंक में 11,400 करोड़ के फ्रॉड की जानकारी दी थी। बाद में यह फ्रॉड बढ़कर 13 हजार करोड़ रुपए का हो गया। यह घोटाला मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ। 2011 से 2018 के बीच हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। इसमें हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी मुख्य आरोपी हैं। वे देश छोड़कर जा चुके हैं।

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