ISI की “हसीना” के जाल में फंसा एयरफोर्स का अधिकारी, चैटिंग के चक्कर में भेज दिए गोपनीय दस्तावेज

February, 9th 2018 |CRIME

ISI की "हसीना" के जाल में फंसा एयरफोर्स का अधिकारी, चैटिंग के चक्कर में भेज दिए गोपनीय दस्तावेज

इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह पर ISI एजेंट्स को खुफिया जानकारी देने का आरोप लगा है। 51 वर्षीय मारवाह को इस आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। मारवाह पर आरोप लगा है कि उन्होंने खुफिया दस्तावेजों की तस्वीरें क्लिक करके सोशल मीडिया के जरिए ISI एजेंट्स को पाकिस्तान भेजी हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ माह पहले आईएसआई के एक एजेंट ने लड़की बनकर मारवाह से संपर्क किया था।

आरोप है कि दोनों में फोन पर लगातार चैटिंग होती थी और दोनों एक दूसरे को अश्लील मैसेज भेजते थे। लड़की के रूप में पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के बाद ISI एजेंट ने उनसे कई गोपनीय दस्तावेज की मांग की। आरोप है कि उन्होंने कुछ गोपनीय दस्तावेज उसे मुहैया करा दिए।

कुछ हफ्ते पहले एयरफोर्स के सीनियर अफसर को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने आंतरिक जांच बैठा दी। जांच में मारवाह की जासूसी में संलिप्तता पाए जाने पर एयरफोर्स के सीनियर अफसर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से इसकी शिकायत की। पटनायक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल को इसकी जांच सौंप दी।

रिपोर्ट के मुताबिक एयरफोर्स के सीनियर अधिकारी को ऑनलाइन हनी ट्रैप के जरिए फंसाया गया है। पुलिस को अभी तक पैसों के लेन-देन की कोई सूचना नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह दिसंबर में त्रिवेंद्रम गए थे। वहां फेसबुक पर एक पुराने एयरफोर्स कर्मी के जरिए किरण रंधावा नाम की एक आईडी से इनवाइट आया था। किरण से चैटिंग शुरू हुई। कुछ समय बाद फोटो और वीडियो भी शेयर होने लगे। फोन पर बात भी होने लगी।

मारवाह को पटियाला हाउस कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। नेशनल सेक्योरिटी से जुड़ा मुद्दा होने की वजह से मामले की गहन जांच की जा रही है। स्पेशल सेल ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है। मारवाह ने और कौन से गोपनीय दस्तावेज ISI एजेंट को मुहैया कराए हैं, इस बारे में स्पेशल सेल अभी पता लगा रही है।

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